
सीकर. चिकित्सा विभाग की ओर से इस माह के तीसरे गुरुवार को मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस मनाया गया। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा चिकित्सा संस्थानों और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर बीमारियों से बचाव के लिए जीवनरक्षक टीके लगाए। वहीं मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं दी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निर्मल सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा माह के प्रत्येक गुरूवार को एमसीएचएन दिवस पर गर्भवती महिलाओं व धात्री महिलाओं को पोषण व मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की जानकारी दी जाती है। चिकित्सा संस्थानों पर गर्भवती महिलाओं की हिमोग्लोबिन, एचआईवी, सिफलिस, ब्लड प्रेशर, हृदय स्पंदन व प्रसव से संबंधित जटिलताओं की जांच की गई। साथ ही गर्भवती महिला के शरीर में कैल्शियम व खून की कमी नहीं आए, इसके लिए आईएफए, कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाइयां दी।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटेलाल नेे बताया कि गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का दुगुना ध्यान रखना चाहिए और समय समय पर स्वास्थ्य की जांच तथा टीके लगवाने चाहिए। दिन में कम से कम तीन बार भोजन करना चाहिए और प्रसव सरकारी अस्पताल में ही करवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुरूवार को बच्चों को पीलिया, टीबी, हैपेटाइटिस बी, गलघोंटू, काली खांसी, निमोनिया, टिटनेस, मेनिनजाइटिस खसरा और रूबले, रोटा, दस्त आदि रोगों से बचाव के लिए टीके लगाए और उनको प्रसवपूर्व देखभाल के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गुरूवार को जिले के 170 जगह पर टीकाकरण सेशन आयोजित किए गए। जिले में 523 गर्भवती महिलाओं और 2265 बच्चों को जीवनरक्षक टीके लगाए गए।

